वक़्त
वक़्त लोगो को बदल देता है,कुछ लोग वक़्त को बदल देते हैं| बदलना तो मेरी भी फितरत में भी था,पर मैंने सोचा कि अगर मैं बदल गया तो शायद लोग मुझे पहचानने से इनकार कर देंगे| एक दिन वो मुझे मिली,उस वक़्त उसका अंदाज़ कुछ बदला हुआ था| उसने कहा,"ये ज़माना बदल गया है,आज कल लोग कहानियाँ और कवितायेँ नही पढ़ते है| बेहतर यही होगा कि तुम अपना प्रोफेशन बदल लो,वर्ना वक़्त से काफी पीछे छुट जाओगे|" मैंने कहा,"नही,मैं अपना प्रोफेशन नही बदलूँगा|" वो बोली."ठीक है,मैं अपना फैसला बदल रही हूँ,आज से हमारे रास्ते बदल गये है| धीरे-धीरे वक़्त गुजर गया,दिन महीने में बदल गये,महीने साल में बदल गये | इन्टरनेट ने लेखको की ज़िन्दगी बदल दी| अब मैं अंतर्राष्ट्रीय वेबसाइट के लिए कहानियाँ लिखने लगा था| एक अरसे बाद,जब वो कहीं मिली तो मुस्कुराते हुए बोली,"हेल्लो,मिस्टर राइटर! आजकल तुम तो अंतर्राष्ट्रीय वेबसाइट के लिए लिख रहे हो|" उसकी बदली हुई बातें मुझे फ़िज़ूल लगी| मैंने अपने कदम आगे बढ़ाये तो उसने कहा,"अरे मुझे पहचाना नहीं?" मैंने कहा,"थोडा वक़्त लगा पर मैं तुम्हे अच्छे से पहचा...