मेरे फ़ोन में कोई रहता है...

कई साल पहले मेरे साथ फ़ोन से सम्बंधित एक वाकया हुआ, जो थोडा अजीब है पर बहुत दिलचस्प है|


तक़रीबन 8 साल पुरानी बात है, मेरे फ़ोन पर सिटी बैंक की तरफ से क्रेडिट कार्ड अलर्ट के मेसेज आने लगे  पर मेरा सिटी बैंक से कोई भी लेना देना नही था, मै ना ही उनका क्रडिट कार्ड उपयोग कर रही थी, और ना ही मेरा सिटी बैंक में कोई अकाउंट था | मै जल्दी ही समझ गयी कि शायद बैंक वालों ने गलती से मेरा फ़ोन नंबर डाल दिया है | मैंने सिटी बैंक को कॉल और ईमेल के जरिए मेरे फ़ोन नंबर पर से किसी अजनबी क्रडिट कार्ड के अलर्टस बंद करने की अपील की, पर कुछ नहीं हुआ |
मुझे अब भी क्रेडिट कार्ड से हो रही शौपिंग के अलर्ट मेसेज आते रहे, पहले तो मुझे गुस्सा आता था लेकिन कुछ दिनों के बाद ये मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गया | मुझे किसी दुसरे की शोपिंग डिटेल्स पढने में मजा आने लगा | उस क्रेडिट कार्ड से बहुत कम शोपिंग होती थी, कभी – कभी बिग बाज़ार से 280 रूपये का मेसेज, तो कभी 300 रूपये की रेलवे टिकट, इस तरह के खर्च होते थे | शायद वो कार्ड किसी आम आदमी का था, जो ना तो थिएटर में जाता था और ना ही किसी होटल या महेंगी जगह पर जाता था |
मेरे फ़ोन में एक अजनबी शख्स रहने लगा, जिसका ना तो कोई नाम था और ना ही कोई चेहरा था | मै अपने फ़ोन की स्क्रीन से किसी आम आदमी की जिंदगी में झाँक रही थी | मुझे उसके क्रेडिट कार्ड इ अलर्ट से उसकी जिंदगी में होनेवाली हलचल का पता चल जाता था, वो कभी मुलुंड में शोपिंग करता तो कभी ठाणे में | एक दिन तो उसने अँधेरी वेस्ट में शोपिग की, ये मेसेज पढ़ते ही मै ख़ुशी से चिल्लाई ,“अरे यार... तू तो मेरे घर के आस पास ही है, एक बार तुझसे मिलना है, मेरे घर पर आ थोड़ी चाय वगैरह पीते है !!” पर मुझे मालूम था ऐसा कुछ नही हो पाएगा |
जनवरी 2017, मेरे फोन पर मेसेज आया कि क्रेडिट कार्ड से 30,000 रूपये की ज्वेलरी खरीदी गयी है, मै जोर से चिल्लाई ,”ओह नो, मेरे क्रडिट कार्ड चोरी हो गया है !” पर मेसेज में जब सिटी बैंक का नाम पढ़ा तो जान में जान आई, पर अगले ही मिनट मै फिर से चीखी, ”ओह नो, आम आदमी का कार्ड चोरी हो गया है| ” मैंने तुरंत सिटी बैंक के हेल्पलाइन पर फोन किया और जैसे मेरे खुद का कार्ड खोया वो उस तरह बात करने लगी|
मैं – हेलो, सिटी बैंक, एक क्रेडिट कार्ड के बारे में रिपोर्ट करनी है...जल्दी |
केयर – क्या आपका क्रेडिट कार्ड चोरी हो गया है ?
मै – पता नही, पर मुझे शोपिंग की डिटेल चाहिए |
केयर – ठीक है मैडम, आपका नाम और जन्म तारीख बताइए....|
मै – (सोचते हुए) जी वो कार्ड मेरा नही है |
केयर – क्या मै जान सकती हूँ, कार्ड किसका है?
मैं – (उदासी क साथ) नहीं, मुझे कुछ नही पता |
और फिर कॉल कट हो गयी, मुझे अब भी उसके क्रेडिट कार्ड के शोपिंग अलर्ट मेसेज आते रहे पर अब काफी महंगी शोपिंग होने लगी | वो आम आदमी महंगे होटल्स और महंगी जगहों पर पैसे खर्च करने लगा, क्रेडिट कार्ड से जेट एयरवेज कि टिकट निकालने लगा | शायद वो अपने जमा किए हुए पैसों को खर्च कर रहा था या शायद उसका बिज़नस अच्छा चलने लगा था, वजह चाहे जो भी हो पर अब वो आम आदमी एक आराम की जिंदगी जीने लगा |
आज भी मुझे सिटी बैंक के अलर्ट आते है, और मैं पिछले 8 साल से किसी अजनबी शख्स की जिंदगी में झाँक रही हूँ जो मेरे फ़ोन में रहता है |
Thanks to Mini Mathur


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