बोझ
मैं अपनी हथेली पर बी.ए. की डिग्री का बोझ लिए नौकरी की तलाश में कई दफ्तरों की खाक छान रहा था | मुझे नौकरी की शख्त जरुरत थी, क्योंकि मुझ पर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ गया था |
मेरे बाबूजी दूसरों के खेत में मजदूरी करते थे | मैं दोपहर को उन्हें खाना पहूँचाने जाया करता था | मैंने बाबूजी से कहा,"बाबूजी, जब कोई नौकरी नही मिल जाती, तब तक मैं खेती ही कर लूँ,?" बबुजी बोले,"बेटा खेती गंवारो का काम है,थोड़ी इन्तजार करो नौकरी मिल जाएगी |"
मुझे एक छोटी-सी नौकरी तो मिल गयी,पर पहली तनखा मिलने से पहले ही बाबूजी की तबीयत काफी बिगड़ गयी | अस्पताल बहुत दूर होने वजह से पैसे तो गाड़ी के किराये में ख़त्म हो जाते थे, दवाईयाँ मेरी हैसियत से बाहर हो गयीं | डाक्टर ने कुछ बवाएं लाने को कहा पर मेरे पास दवा के पुरे पैसे नही थे|
मैं अस्पताल से बाहर आकर सामने के बस स्टैंड पर बैठकर अपने आप पर तरस खा रहा था| मैं हताश और बेबस होकर जमीन की ओर देख रहा था तभी किसी ने आवाज दी,"यहाँ क्या बस का इन्तजार कर रहे हो ?" ये आवाज मंजूषा की थी उसने अपनी कार की तरफ इशारा करते हुए कहा," हम गोल चौक जा रहे है,तुम्हे कहीं छोड़ दें?" मैंने कोई जवाव नही दिया | वो मुस्कुराकते बोली,"अरे भुलक्कड़, हम 2 महीने पहले एक ही कॉलेज में थे,याद आया कुछ ?"
मैंने गंभीरता से कहा,"मंजूषा, बाबूजी के लिए दवा लेनी हैं पर..." उसने मेरे हाथ में पड़ी दवा की पर्ची की तरफ देखा, और फिर अपने कार के ड्राईवर से बोली,"बंसी भईया, यहीं रुकिए हम अभी आते हैं|" मंजूषा ने मेरे हाथ से दवा की पर्ची ली और मुझे साथ चलने को कहा | मंजूषा ने पास के मेडिकल काउंटर पर पर्ची रखी और बोली,"सारी दवाए दे दीजिये|" फिर उसने अपने पर्स में से कुछ नोट निकलकर दवाओं के पैसे चुका दिए,उसने एक किलो सेब खरीदकर दिए | मैंने उसका शुक्रिया अदा करते हुए कहा,"मैं जल्द पैसे लौटने की कोशिश करूँगा |" वो बोली,,"नही,इसकी कोई जरुरत नही है |"
मंजूषा की दी दवाओं ने बाबूजी की जिंदगी में थोड़े दिन और जोड़ दिए पर पैसों के आभाव में बाबूजी का ऑपरेशन न हो सका और फिर एक सुबह बाबूजी हमेशा के लिए सो गये | अपने कंधो पर अपने पिताजी की अर्थी का बोझ आज भी मुझे याद आता है,तो अक्सर मेरे आंसूं से जमीन गीली हो जाती है |
To be continued.....
The sequel will be published on 28th May, 2017.
To be continued.....
The sequel will be published on 28th May, 2017.

Very emotional story...very well written
ReplyDeleteReally heart touching story !
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